Home छत्तीसगढ़ जंगल सफारी में पहली बार देखेंगे वाइट टाइगर के जोड़े, हिमालयन भालू

जंगल सफारी में पहली बार देखेंगे वाइट टाइगर के जोड़े, हिमालयन भालू

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राजधानीवासी पहली बार जंगल सफारी के नंदनवन चि़िड़याघर में वाइट टाइगर के जया और देव की जोड़ी देखेंगे। साथ ही यहां नंदनवन की बंगाल टाइगर की जोड़ी चित्रा और बाशा दिखेंगी। इसके अलावा अलावा चार लॉयन, दो लैपर्ड, दो हिमालयन बियर, दो हिप्पोपोटेमस, दो घड़ियाल, 20 ताजे पानी में पाए जाने वाले कछुए, चार बंगाल मॉनिटर लिजार्ड, 13 स्टार कछुए, आठ क्रोकोडायल अलग-अलग बाड़े में रखे गए हैं, जो कि लोगों का लुभाएंगे। असम से लाए गए हिमालयन भालू सीआरपी और पफोड़ी आकर्षण का केंद्र होंगे। अभय और निर्भय तेंदुओं की जोड़ी भी दिखेगी। ओडिशा से दरियाई घोड़ों की जोड़ी, 33 कछुए और गोह छिपकली भी देखने को मिलेंगी।

यहां जाली नहीं, पारदर्शी कांच होगा

बाकी चिड़ियाघरों में वन्य प्राणियों को देखने के लिए जाली से देखना पड़ता है लेकिन यहां यह खासियत होगी कि परदर्शी कांच से ही लोग वन्य प्राणियों को देख सकेंगे। बाड़े के पास गहरी नहर होगी जिसे प्राणी पार भी नहीं कर पाएंगे। कांच की दीवार से कोई खतरा भी नहीं होगा। कांच इतने पारदर्शी होंगे कि वन्य प्राणी आसानी से देखे जा सकेंगे।

लगेगा 50 रुपये शुल्क

चिड़ियाघर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह वन विभाग की ओर लगातार विकसित किया जाएगा। जंगल सफारी और चिड़ियाघर देश में अनूठा है। भविष्य में यहां और भी नए वन्य प्राणी आएंगे। वन्य प्राणियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी । यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी। 50 एकड़ में बने चिड़ियाघर और बाड़े को जंगल की तर्ज पर ही तैयार किया गया है। इसमें घूमते हुए बाघों को देखने से ऐसा लगेगा जैसे कि आप जंगल में घूम रहे हैं। चिड़ियाघर रोज सुबह 11 से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। चिड़ियाघर के लिए 50 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क लगेगा। वहीं अभी तक जंगल सफारी घूमने के लिए एसी बस से 300 रुपये और नॉन एसी बस से 200 रुपये शुल्क लग रहा था।

नंदनवन जू में बनेंगे सात नए बाड़े

इस साल नंदनवन जू में सात नए बाड़े बनाए जाएंगे। इनमें ब्लैक बक, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सियार, नील गाय, बार्किंग डियर और सांभर रखे जाएंगे। नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी लगभग 270 हेक्टेयर में विकसित की है, जिसमें प्राकृतिक परिवेश में शाकाहारी वन्य प्राणी, 125 चीतल, 50 ब्लैकबक , 20 सांभर, 9 बार्किंग डियर, 20 नील गाय, 5 भालू और 2 भालू के बच्चे, 4 टाइगर और 7 लायन वर्तमान में है।

शहर के रेलवे और एयरपोर्ट से इतना दूर जंगल सफारी

जंगल सफारी नवा रायपुर के सेक्टर -39 में स्थित है। यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राजधानी के रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किमी और स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा से 15 किमी दूर है। नंदनवन जंगल सफारी का पूरा 800 एकड़ क्षेत्र सुंदर इलाकों के साथ हरे भरे हरे रंग का है। कई स्वदेशी पौधों की प्रजातियां भी वनस्पति को जोड़ती हैं, जो जानवरों के लिए प्राकृतिक आवास बनाते हैं। इसमें 130 एकड़ का खांडवा जलाशय जल निकाय है , जो कई प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है। चार सफारी अर्थात शाकाहारी, भालू, बाघ और शेर की योजना बनाई गई है। आने वाले चिड़ियाघर में 32 और प्रजातियां प्रदर्शित की जाएंगी।