Home स्वास्थ एक्‍सरसाइज करने से हो सकते है ये बड़े नुकसान

एक्‍सरसाइज करने से हो सकते है ये बड़े नुकसान

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

आजकल अधिकतर लोगों की जिंदगी में एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ज्यादा शारीरिक व्यायाम का सेहत पर बुरा असर पड़ता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करना नुकसानदायक हो सकता है और प्रमुख तौर पर इसका संबंध थकान एवं खराब परफॉर्मेंस से है। ‘करंट बायोलॉजी’ के जर्नल में प्रकाशित हुई एक स्टडी के अनुसार ज्यादा शारीरिक व्यायाम करने जैसे कि फिजीकल ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मस्तिष्क की क्षमता खासकर बौद्धिक क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है।

स्टडी के निष्कर्षों के अनुसार फ्रांस की इंसर्म रिसर्च इंस्टीट्यूट के मैथिअस पेसिग्निओन और उनकी टीम ने कहा कि उन्हें टॉप एथलीट्स में होने वाले ओवरट्रेनिंग सिंड्रोम के कारणों को जानने में काफी दिलचस्पी थी। इसमें एथलीट्स खराब या कमतर प्रदर्शन करते हैं और बहुत जल्दी थक जाते हैं। इस सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति को अपनी परफॉर्मेंस में सुधार के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने का मन करता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि ओवरट्रेनिंग प्रयासों के कारण थकान और मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस होता है।

स्टडी के लिए टीम ने 37 ट्रिएथलीट्स के साथ नौ सप्ताह बिताए। इन प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया था। पहले ग्रुप को हाई लेवल ट्रेनिंग और दूसरे ग्रुप को एक्सपेरिमेंट के आखिरी तीन हफ्तों तक एक्स्ट्रा ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया जिसमें 40 फीसदी औसत सेशन शामिल थे। इससे शोधकर्ताओं को बहुत ज्यादा फिजीकल ट्रेनिंग और दिमाग के ज्यादा काम करने के बीच समानता का पता चला।

इससे ज्ञात होता है कि अत्यधिक फिजीकल ट्रेनिंग का संबंध मस्तिष्क और निर्णय लेने की कार्यक्षमता घटने से है। टॉप एथलीट के मामले में इसके परिणाम को आप इस तरह से देख सकते हैं कि किसी एथलीट का बीच रेस में ही ध्यान भटक गया हो या प्रतियोगिता के बीच अचानक से प्रदर्शन खराब होने लगा हो। इसकी वजह थकान हो सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि थकान और बौद्धिक क्षमता में गिरावट की वजह से भी पहले चरण में ‘बर्नआउट सिंड्रोम’ हो सकता है जो कि कई लोगों को प्रभावित करता है।