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छत्तीसगढ़ : बारिश से फसल को नुकसान हुआ तो विभाग को बताएं, मिलेगी मदद…

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बेमौसम बारिश को देखते हुए संयुक्त संचालक कृषि विभाग ने संभाग के किसानों को क्षतिपूर्ति क्लेम के लिए बीमा कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं। बीमा कंपनियों को किसान अपनी फसल क्षति की सूचना दे सकते हैं। विभाग ने सूचना देने के लिए बीमा कंपनियों का टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। इसके अलावा कृषि विभाग या राजस्व विभाग में भी सूचना दी जा सकेगी।

दुर्ग संभाग में धान, साेयाबीन, मक्का, अरहर, मूंगफली, मूंग और उड़द की फसल ली गई है। इन फसलों का बीमा किसानों ने करवाया है। ये फसलें पककर तैयार है और पिछले दिनों की बारिश से उन्हें क्षति पहुंची है।

सूचना जारी: संभाग के किसानों ने फसलों का कराया है बीमा

7. 85 लाख हेक्टेयर फसल का है बीमा

विभागीय सूत्रों के मुताबिक दुर्ग संभाग में धान, सोयाबीन, अरहर सहित अन्य फसलों का बीमा 7 लाख 85 हजार 117 हेक्टेयर क्षेत्रफल का हुआ है। यह बीमा 5 लाख 94 हजार 286 किसानों ने करवाया है।

यहां किसान दें सकते हैं क्षति की जानकारी

दुर्ग, बालोद, बेमेतरा और राजनांदगांव के किसानों का फसल बीमा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा किया है। कबीरधाम जिले के किसानों का फसल बीमा एचडीएफसी अरगो ने किया है। इसलिए कृषि विभाग ने किसानों को सूचना देने के लिए इन दोनों बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर जारी किया है। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी का टोल फ्री नंबर 1800116515 है और एचडीएफसी अरगो बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर 18002660700 है।

अब आगे क्या…

किसानों द्वारा क्षति की सूचना के बाद दोनों बीमा कंपनी इन किसानों के खेतों में सर्वेयर भेजेंगे और फसल क्षति का आंकलन करेंगे। राजस्व व कृषि विभाग का प्रतिनिधि इस सर्वे के दौरान शामिल रहेगा। इसके प्रोसेस बताए गए हैं।