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2500 साल पुरानी बिल्ली की जब हुई जांच तो निकले 5 पैर और दो पूंछ, सब हैरान

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एक ज़माने में मिस्र में शवों को ख़ास लेप लगाकर पिरामिड में दफ़नाया जाता था. 2500 साल पुरानी एक ऐसी ही बिल्ली पर शोधकर्ताओं ने जब रिसर्च करना शुरू किया तो जो नतीजे सामने आए, उसे देखकर सबने दांतों तले उंगलियां दबा लीं. ममी के रूप में मौजूद इस बिल्ली की बनावट ने सबको चौंका कर रख दिया है.


फ्रांस के रेनेस के संग्रहालय में रखी इस बिल्ली का शोधकर्ताओं ने सीटी स्कैन किया. सीटी स्कैन की रिपोर्ट के बाद से हर कोई इस अद्भुत बिल्ली पर चर्चा कर रहे हैं. असल में स्कैन में पता चला कि इस बिल्ली की दो पूंछ और पांच पैर थे. बिल्ली के सर की जगह पर एक गेंदनुमा चीज़ रखी हुई थी. ये गेंद कपड़ों का बना हुआ था. फ्रेंच नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर प्रिवेंटिव आर्कियोलॉजिकल रिसर्च (INRAP) के वैज्ञानिकों ने बिल्ली को पूरा परखने के बाद ये दावा किया.

बिल्ली की सीटी-स्कैन

शोधकर्ताओं की हैरानी का सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि इस बिल्ली-नुमा जीव के पास ना तो मेरुदंड की हड्डियां निकलीं और ना ही रीढ़ की. अब शोधकर्ता ये दावा कर रहे हैं कि ये किसी एक बिल्ली की ममी नहीं है, बल्कि इस ममी में कई बिल्लियों को एक साथ रखा गया था.

INRAP से जुड़े थियोपेन निकोल्स का मानना है कि ये कोई चौंकाने वाला मामला नहीं है. वे बताते हैं, “दसियों लाख जानवरों की ममी बनाई गई थी, लेकिन बहुत कम ऐसे हैं जो बरामद हो पाईं. कुछ ख़ाली मिले, कुछ में सिर्फ़ एक हड्डी मिली. कभी-कभी पूरी बिल्ली भी मिली. रेन्स के संग्रहालय में जो ममी रखी हुई है वो अलग तरह की है.”

बिल्ली की 3डी प्रिटिंग

वे आगे बताते हैं, “कुछ शोधकर्ताओं को लगता है कि ये कुछ शातिर पुजारियों की करतूत है, लेकिन हमें लगता है कि जानवर की ममी बनाने के हज़ारों तरीक़े हैं.” शोधकर्ता अब इस ममी के सीटी स्कैन के बाद तस्वीरों को जोड़कर आपस में तारतम्यता देख रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि इससे गुत्थियां सुलझाने में मदद मिलेगी.
माना ये जाता है कि प्राचीन मिस्र में मनुष्यों की ममी परलोक की ज़िंदगी को बेहतर बनाने की उम्मीद से बनाई जाती थी, लेकिन जानवरों की ममी धार्मिक रिवाज़ों को पूरा करने के लिए बनाई जाती थी.

बिल्लियों के अलावा कुत्तों, मगरमच्छों, मछलियों और चिड़ियों की ममी भी शोधकर्ताओं ने समय-समय पर बरामद किए हैं. 2015 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनचेस्टर ने 1000 ईसा पूर्व से 400 ईस्वी के बीच दफ़नाए गए 800 जानवरों की ममी के सीटी स्कैन और एक्सरे रिपोर्ट के आधार पर एक अध्ययन प्रकाशित किया था.