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रोजाना की तरह डाक बांटने के लिए निकला था डाकिया, तभी उसे एक घर से सुनाई दी रोने की आवाज, जब अंदर.

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अमेरिका का एक डाकिया 162 जगहों के लैटर लेकर अपने काम पर निकला था. रोजाना एक ही मोहल्ले में डाक बांटने पर यह डाकिया लगभग लोगो से परिचित था. ऐसे में यह डाकिया इस दिन डाक लेकर निकला था तो उसे एक 94 वर्ष की बुढ़िया का भी डाक देना था. यह बुढ़िया आमतौर पर खुद डाक लेने आ जाया करती थी. इस दिन वो नही आई तो डाकिया उसके घर चला गया. इस डाकिये ने जब घर पहुंचकर 3-4 बार दरवाजा खटखटाया तो उसे अंदर से रोने की आवाज सुनाई दी. जब वो दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसा तो उसे बुढ़िया फर्श पर पड़ी मिली.

अंदर से आई रोने की आवाज

यह घटना नॉर्थ डकोटा की वाल्श काउंटी में रहने वाले पोस्टमैन जोश हेफ्ता की है. ये डाकिया 162 डाक पहुंचाने के लिए अपनी ड्यूटी पर निकला था. इन डाक में 94 वर्षीय महिला एलिस की भी एक डाक थी. अक्सर इस महिला की डाक जब भी आती तो यह खुद लेने आ जाती थी. इस बार वो जब डाक लेने नही आई तो इस डाकिये ने खुद महिला के घर जाकर डाक देने की सोची. घर जाकर इस डाकिये जोश ने कई बार दरवाजा खटखटाया तो अंदर से रोने की आवाज आई. आवाज सुनते ही जोश तुरंत दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा.

20 घंटे से फर्श पर पड़ी थी महिला

जैसे ही डाकिया अंदर घुसा तो बुजुर्ग महिला जमीन पर गिरी हुई थी. एलिस को इस तरह पड़े 20 घंटे गुजर चुके थे. यह महिला फिसलने की वजह से आंगन में पड़ गई थी. ज्यादा उम्र होने के कारण यह महिला उठ भी नही पाई. जोश लगभग रोज उनसे मिल के जाता था तो इस महिला को आस थी कि आज भी जोस जरूर आएगा. इसके बाद जोश ने एलिस को एडमिट करवाया और रोज उनका हाल चाल जानने अस्पताल भी जाता था.