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पहले दिन टीका लेने वाले सबसे बुजुर्ग डॉक्टर को कोई परेशानी नहीं, लेकिन आम्बेडकर अस्पताल की नर्स… जानिए

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कोरोना वैक्सीनेशन का पहला डोज दिए हुए चार दिन बीत चुके हैं। अब टीके के प्रभावों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। इसके मिलेजुले नतीजे सामने आ रहे हैं। पहले दिन कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड का डोज लेने वाले 78 वर्षीय डॉ. अरुण टी दाबके पूरी तरह स्वस्थ हैं। लेकिन उन्हीं के साथ टीके लगवाने वाली रायपुर के आम्बेडकर अस्पताल की नर्स देवकी सोनवानी की तबीयत बिगड़ गई है। इन दोनों ने 16 जनवरी को रायपुर मेडिकल कॉलेज बूथ पर टीका लगवाया था।

डाॅ अरुण टी दाबके ने कहा, वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी नियमित दिनचर्या वैसी ही है। उन्होने स्वास्थ्य कर्मियों से आग्रह किया कि यह टीका सुरक्षित है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से इसे लगवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, बारी आने पर आम लोगों को भी इसे लगवा लेना चाहिए। राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुखराज बाफना ने भी कोई परेशानी नहीं होने की बात कही है।

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने उसी दिन जिला अस्पताल में टीका लगवाया था। उन्होंने कहा, टीका लगने के बाद से उन्हें कोई कठिनाई नहीं महसूस हुई है। रायपुर में डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन ने कहा, वे उस दिन से नियमित सरकारी काम सामान्य रूप से ही संपादित कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें कोई दिक्कत नहीं आई।

जिला अस्पताल में टीके की पहली डोज लगवाने वाले वार्ड बॉय हेमंत कुमार दुबे ने कहा, जिस दिन टीका लगा था, उस दिन भी वे ड्यूटी पर ही थे। वार्ड से आकर टीका लगवाया और फिर वापस वार्ड में चले गए। चार दिन बाद भी उन्हें कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई है।

लेकिन आम्बेडकर अस्पताल की नर्स देवकी सोनवानी का अनुभव ठीक उलट है। देवकी को टीका लगने के बाद से ही दिक्कत हो रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत में देवकी ने बताया, टीका लगने के बाद से उनको बुखार हो गया। दिन भर बुखार रहा। उल्टी हुई। अधिकारियों को बताया तो उन्हें बुखार की दवा दी गई। अभी भी उनका सिर घूम रहा है। खांसी बढ़ गई है। इन परेशानियों की वजह से उन्होंने कल से शुरू हुई कोरोना ड्यूटी को अागे बढ़ा दिया है।

दो दिनों में 10 हजार को ही लग सका टीका

छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीनेशन का महाअभियान 16 जनवरी से शुरू हुअा। प्रदेश भर में इसके लिए 97 केंद्र बनाए गए हैं। एक बूथ पर प्रतिदिन 100 लोगों को टीका लगाने के लिए बुलाया गया था। लेकिन टीकाकरण के दो दिन के सत्र में 19 हजार लोगों की जगह केवल 10 हजार 872 लोगों को टीका लगाया जा सका है। शनिवार को 62 प्रतिशत और सोमवार को 56 प्रतिशत लोगों को ही टीका लगा।

सप्ताह में चार दिन ही टीकाकरण

स्वास्थ्य विभाग ने सप्ताह में चार दिन की टीकाकरण सत्र संचालन का फैसला किया है। इसके तहत प्रत्येक सप्ताह के सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को ही टीकाकरण होगा। मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को टीकाकरण कार्य से छुट्‌टी रहेगी। डॉक्टरों उने कहा, वैक्सीन लगाने के बाद भी सभी को मास्क लगाना,सुरक्षित दूरी रखना और हाइजिन का ध्यान रखना होगा। वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के के 14 दिन के बाद ही शरीर में प्रतिरक्षात्मक तंत्र विकसित होता है।