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ब्लॉक, ग्राम स्तरीय एवं नगरीय वार्ड में संकट प्रबंधन समूह का गठन करने के निर्देश

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राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने के लिये ब्लॉक स्तरीय, ग्राम स्तरीय एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तरीय संकट प्रबंधन समूहों का गठन किया जाये। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने बालाघाट, वारासिवनी, बैहर, कटंगी, लांजी एवं किरनापुर के एसडीएम एवं जिले के नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ब्लाक, ग्राम एवं नगरीय वार्ड स्तर पर संकट प्रबंधन समूह का गठन करें।
इस संबंध में दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि विकासखण्ड संकट प्रबंधन समूह में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अध्यक्ष होंगे। इस समूह में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, विकासखण्ड मुख्यालय के नगरीय क्षेत्र के आयुक्त के प्रतिनिधि अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी, प्रोजेक्ट ऑफिसर महिला एवं बाल विकास विभाग, क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, कलेक्टर द्वारा नामांकित विकासखण्ड के जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवी संगठन सदस्य होंगे।
ग्राम संकट प्रबंधन के समूह के अध्यक्ष ग्राम पंचायत की प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष होंगे। ग्राम पंचायत के सचिव, जन अभियान परिषद, महिला स्व-सहायता समूह, राजनैतिक और सामाजिक कार्यकर्त्ता, प्रशासनिक समिति के संबंधित ग्राम में निवासरत सदस्य, ग्राम रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्त्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता, आंगनवाड़ी सहायिका और ग्राम के कोटवार/पटेल समूह के सदस्य होंगे। नगरीय क्षेत्रों में वार्ड संकट प्रबंधन समूह में वार्ड प्रभारी अधिकारी अध्यक्ष होंगे। क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, नगर निगम आयुक्त / मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा नामांकित जन-प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि, वार्ड के प्रतिष्ठित निजी चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, जन अभियान परिषद, राजनैतिक एवं सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता महिला स्व-सहायता समूह सदस्य होंगे। इन समूहों की माह में कम से कम एक बैठक करने के निर्देश दिये गये है ।