Home देश अगले 24 घंटे में ओडिशा तट से टकरा सकता है चक्रवाती तूफान,...

अगले 24 घंटे में ओडिशा तट से टकरा सकता है चक्रवाती तूफान, एनडीआरएफ और फायर सर्विस अलर्ट पर

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर शुक्रवार को निम्न दाब का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान आने के आसार हैं. इस तूफान के आंध प्रदेश और ओडिशा तट पर अगले सप्ताह की शुरुआत तक पहुंचने की आशंका है, जिसके मद्देनजर ओडिशा में चेतावनी जारी की गई है. इस समुद्री तूफान के आने से पूर्वी तटीय राज्यों में भारी बारिश होगी. मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा कि दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है.

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के आसार हैं, जिससे बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य में एक चक्रवाती तूफान उत्पन्न होगा. उन्होंने कहा कि इसके 10 मई को तट पर पहुंचने की आशंका है. महापात्र ने कहा कि अभी तक कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया गया है कि यह कहां सबसे पहले आयेगा. महापात्र ने कहा, “जब समुद्री तूफान तट के पास पहुंचता है, तो हम कह सकते हैं कि यह कहां टकराएगा. नौ मई से समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है, इसलिए मछुआरों को बाहर नहीं जाना चाहिए.”

मौसम कार्यालय ने चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए अगले सप्ताह मंगलवार से शुक्रवार के बीच गंगा नदी के क्षत्र में आने वाले पश्चिम बंगाल के जिलों में बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा कि एनडीआरएफ की 17 टीम, ओडीआरएएफ की 20 टीम और दमकल सेवाओं की 175 टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. अग्निशमन सेवा के महानिदेशक एसके उपाध्याय ने कहा कि दमकल कर्मियों के सभी अवकाश रद्द कर दिए गए हैं.

18 क्षतिग्रस्त संभावित जिलों में तैयारी पूरी
चक्रवाती तूफान से क्षतिग्रस्त संभावित ओडिशा के 18 जिलों के जिलाअधिकारियों को किसी भी आपदा से निपटने को तैयार रहने का निर्देश दे दिया गया है. साथ ही आपदा ने निपटने के लिए सभी प्रकार के तकनीकी उपकरण को तैयार रखने का आदेश दिया है.

40- 75 किमी/ घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं!
6 मई को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद तूफान बन सकता है. इस दौरान हवा की अनुमानिक गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. वहीं, 8 मई को चक्रवात के दौरान हवा की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है.

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
चक्रवात के कारण मछूआरों को 5 मई से 8 मई तक अंडमान सागर एंव पूर्व-केंद्रीय बंगाल की खाड़ी के आप-पास के क्षेत्रों में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है. वहीं कम दबाव का क्षेत्र बनने पर परिस्थिति के अनुसार बंदरगाहों के लिए चेतावनी जारी की जा सकती है.