Home देश ‘हर घर दस्तक-2.0’ कार्यक्रम जून से, घर-घर जाकर 2 महीने तक लगेंगे...

‘हर घर दस्तक-2.0’ कार्यक्रम जून से, घर-घर जाकर 2 महीने तक लगेंगे कोरोना के टीके

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान में कोरोना वैक्सीन को अनमोल राष्ट्रीय संसाधन बताते हुए इसकी बर्बादी से बचने की जरूरत पर भी जोर दिया. कहा गया कि किसी भी कीमत पर कोविड-19 टीकों की बर्बादी न हो. जिन वैक्सीन की एक्सपायरी डेट नजदीक हो, उन्हें पहले लगाया जाए. विदेश यात्रा से पहले बूस्टर डोज लगवाने के इच्छुक लोगों से यात्रा दस्तावेज न मांगे जाएं.

केंद्र सरकार का ये निर्देश ऐसे समय आया है जब देश में 11.84 करोड़ सीनियर सिटीजंस में कोरोना का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है. इनमें से 4.14 करोड़ में बूस्टर डोज़ लगनी बाकी है. महज 1.69 करोड़ बुजुर्गों ने ही प्रिकॉशन डोज़ लगवाई है.

डेक्कन हेराल्ड ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि देश में बुजुर्गों में प्रिकॉशन डोज लगवाने का राष्ट्रीय औसत करीब 41 प्रतिशत है. 26 राज्य ऐसे हैं, जहां बुजुर्गों का टीकाकरण राष्ट्रीय औसत से कम है. इनमें केरल (40%), यूपी (38%), बिहार (38%), तमिलनाडु (37%), तेलंगाना (36%), महाराष्ट्र (33%) शामिल हैं. नागालैंड 12 फीसदी टीकाकरण के साथ इस लिस्ट में सबसे नीचे है