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मध्यप्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम से हटाई जाएंगी मुगल शासकों की गाथाएं

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Madhya Pradesh school curriculum: मुगल शासकों की गाथाएं हटाने को लेकर सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल का कहना है कि सिलेबस में बहुत सारी चीजें होनी चाहिए,जो 21वीं फ़ीसदी के चैलेंज को स्वीकार करती हो. अतीत को गानों से,पुरानी बातों को दोहराने से क्या बच्चे चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे. शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि विश्व में शांति का संदेश दे, बच्चे आपस में सद्भाव रखे.

Madhya Pradesh school curriculum: मध्यप्रदेश में जल्द ही पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.मध्यप्रदेश में अब स्कूली पाठ्यक्रम से मुगल शासकों की गाथाओं को हटाया जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि मुगल साम्राज्य और मुगलों की गाथाओं को सिलेबस में शामिल नहीं किया जाएगा. सिलेबस से टीपू सुल्तान,सिराजुद्दौला,अकबर सहित तमाम मुगल शासकों की गाथाओं को स्कूली पाठ्यक्रम से हटाया जाएगा.

मुगलों की गाथाएं हटेंगी सिलेबस से
स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने न्यूज़18से बातचीत में कहा कि मुगल साम्राज्य की गाथाओं को जल्द ही सिलेबस से हटाया जाएगा. मुगलों की गाथाओं को पाठ्यक्रम से हटाने निर्णय लिया है. सीबीएसई बोर्ड की तरह एमपी बोर्ड में भी मुगलों की गाथाओं को सिलेबस से हटाने की तैयारी हो रही है. नए पाठ्यक्रम में मुगल साम्राज्य और मुगलों को अब शामिल नही किया जाएगा. भारत के गौरवशाली इतिहास और गौरवशाली परंपराओं को सिलेबस में शामिल किया जाएगा. जिससे छात्र छात्राएं गौरवशाली इतिहास रच परंपराओं के बारे में जान सकें.भारत में मुगल शासकों के शासन करने को गलत तरीके से पेश किया गया है. अब भारत के गौरवशाली इतिहास और परंपराओं को ही छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा.

शिक्षा ऐसी हो जो 21वीं सदी के चैलेंज को स्वीकार करें
मुगल शासकों की गाथाएं हटाने को लेकर सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल का कहना है कि सिलेबस में बहुत सारी चीजें होनी चाहिए,जो 21वीं फ़ीसदी के चैलेंज को स्वीकार करती हो. अतीत को गानों से,पुरानी बातों को दोहराने से क्या बच्चे चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे. शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि विश्व में शांति का संदेश दे, बच्चे आपस में सद्भाव रखे. बच्चे यह जान सकेंगे किसी भी तरह की अनियमितताओं को बरतने से किस तरह से सामाजिक संतुलन बिगड़ता है और समाज को एक करने में कितने प्रयास लगते है. चाहे वह इतिहास की बातें हो चाहे वह भविष्य की संकल्पनाए हो.शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो भारत की गरिमा को प्रदर्शित कर सकें. बच्चे भारत की संस्कृति के बारे में बेहतर तरीके से बता सके. भारत देश को आगे ले जाने की दिशा में कदम बढ़ा सकें. जिन्होंने भी समाज की संस्कृति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रयास किया है,उन सभी की गाथाओं को भी सिलेबस में शामिल करना चाहिए.

इतिहास को नकारा नही जा सकता-कांग्रेस
मुगल गाथाओं को सिलेबस से हटाने को लेकर कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की मंशा है दो धर्मों,दो समुदायो के बीच भेद पैदा करना. क्या हम इस बात को नकार सकते हैं कि अंग्रेजो ने हमारे देश पर साढ़े 300 साल शासन किया. क्या इस बात को नकार सकते हैं कि मुगलों ने भारत पर आक्रमण किया और वह यहीं के होकर रह गए. निःसंदेह हमारा इतिहास बहुत गौरवशाली है. सत्यता को असत्य की छुपाने की आड़ में वर्ग भेद को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं. इसे उन्नति और प्रगति के रास्ते में बड़ा कदम नहीं मान सकते है.