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आज मां के पास नहीं जा सका, देश की माताओं का मिला आशीर्वादः MP में बोले PM मोदी

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PM Modi News: पीएम मोदी ने कहा कि ‘कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने का सौभाग्य मिला है. दूर देश से मेहमान आए हैं. इन चीतों के सम्मान में ताली बजाइए. मैं मध्य प्रदेश और देश के लोगों को बधाई देता हूं.

करहल (मध्य प्रदेश). मध्य प्रदेश के करहल में एक स्वयं सहायता समूह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैं अपनी मां से मिलने नहीं जा सका, लेकिन देश की माताओं का आशीर्वाद आज मुझे मिला है. पीएम ने कहा कि श्योपुर और करहल के लोगों को आज 8 चीतों की जिम्मेदारी सौंपने आया हूं. कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘कोई कार्यक्रम नहीं रहता है तो मैं सोचता हूं अपनी माँ के पास जाऊं उनके चरण छू लूं और इस बार मैं अपनी माँ के पास तो नहीं जा पाया, लेकिन आज लाखों माताओं-बहनों ने मुझे अपना आशीर्वाद दिया है. मेरे लिए बहुत खुशी की बात है.’

पीएम मोदी ने कहा कि ‘कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने का सौभाग्य मिला है. दूर देश से मेहमान आए हैं. इन चीतों के सम्मान में ताली बजाइए. मैं मध्य प्रदेश और देश के लोगों को बधाई देता हूं.’ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि ‘देश की बेटियां कभी किसी से पीछे नहीं रही हैं. मध्य प्रदेश में जल परियोजनाओं का समूह हाथ में है. हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार अभियान से जुड़े. स्वयं सहायता अभियान से कई बहनें जुड़ी हैं.’

पीएम ने कहा कि ‘सितंबर का ये महीना देश में पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. भारत की कोशिशों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोटे अनाज के वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है. गांव की अर्थव्यवस्था में, महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए, उनके लिए नई संभावनाएं बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से हम हर जिले के लोकल उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि ‘पिछले 8 वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने हर प्रकार से मदद की है. आज पूरे देश में 8 करोड़ से अधिक बहनें इस अभियान से जुड़ी हैं. हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक बहन इस अभियान से जुड़े. जिस भी सेक्टर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, उस क्षेत्र में, उस कार्य में सफलता अपने आप तय हो जाती है. स्वच्छ भारत अभियान की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसको महिलाओं ने नेतृत्व दिया है.’

पीएम ने कहा कि ‘सितंबर का ये महीना देश में पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. भारत की कोशिशों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोटे अनाज के वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है. गांव की अर्थव्यवस्था में, महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए, उनके लिए नई संभावनाएं बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से हम हर जिले के लोकल उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि ‘पिछले 8 वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने हर प्रकार से मदद की है. आज पूरे देश में 8 करोड़ से अधिक बहनें इस अभियान से जुड़ी हैं. हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक बहन इस अभियान से जुड़े. जिस भी सेक्टर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, उस क्षेत्र में, उस कार्य में सफलता अपने आप तय हो जाती है. स्वच्छ भारत अभियान की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसको महिलाओं ने नेतृत्व दिया है.’

पीएम ने कहा कि ‘सितंबर का ये महीना देश में पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. भारत की कोशिशों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोटे अनाज के वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है. गांव की अर्थव्यवस्था में, महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए, उनके लिए नई संभावनाएं बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से हम हर जिले के लोकल उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि ‘पिछले 8 वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने हर प्रकार से मदद की है. आज पूरे देश में 8 करोड़ से अधिक बहनें इस अभियान से जुड़ी हैं. हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक बहन इस अभियान से जुड़े. जिस भी सेक्टर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, उस क्षेत्र में, उस कार्य में सफलता अपने आप तय हो जाती है. स्वच्छ भारत अभियान की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसको महिलाओं ने नेतृत्व दिया है.’

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