Home छत्तीसगढ़ कोई प्यासा न रहे, इसलिए समाजसेवी ब्रजराज रजक ने उठाया प्याऊ खोलने...

कोई प्यासा न रहे, इसलिए समाजसेवी ब्रजराज रजक ने उठाया प्याऊ खोलने का बीड़ा 03 दिनों तक कड़ी धूप में मेहनत कर ब्रजराज ने किया प्याऊ घर तैयार

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

बिलासपुर भीषण गर्मी में प्यास के मारे किसी का गला न सूखे, इस उद्देश्य को लेकर बिलासपुर के ग्राम बिरकोना निवासी समाजसेवी ब्रजराज रजक मिट्टी के मटके रखकर प्यासों की प्यास बुझाने के प्रयास में जुट हुआ हैं। एक ओर जहां समाजसेवी जगह-जगह प्याऊ घर खोलकर वहां मिट्टी के घड़ों से पानी पिलाने का कार्य कर रहे हैं। बिलासपुर में भले ही गर्मी के दिनों में पानी के लिए कितनी भी हाय-तौबा मचे और पानी की वजह से झगड़े-झंझट होते हों, लेकिन इसके बावजूद लोगों में मानवता कूट-कूटकर भरी है और वे प्यासों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य समझते हैं। समाजसेवी ब्रजराज रजक ने बताया कि लगातार 03 दिनों तक कड़ी धूप में स्वयं मेहनत करके एक छोटा सा प्याऊ घर तैयार किया है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जीवन ट्रैवल यात्रा से भरा हुआ है क्योंकि उन्हें घूमना बहुत प्रसन्द है नए लोगों से मिलना, नए जगह, नया सीखना, और नया विचार करना। इस दौरान अधिकतर गर्मी के दिनों में पानी की जरूरत तो पड़ती ही है तो पेट्रोल पंप का सहारा लेते है, ब्रजराज रजक ने काफी दिनों से सोचकर रखा था कि एक छोटा सा योगदान इस गर्मी में दिया जाए क्योंकि जीवन जीने के लिए भोजन पानी की आवश्यकता है उसके बावजूद लोग अपने जीवन का हिस्सा शराब को बना रहे हैं तो एक सुंदर संदेश के साथ साथ मटकी का ठंडा पानी पिलाकर प्यास बुझाने के काम कर रहे है। जिसे लोग ठंडा पानी पीकर अपने प्यास बुझा रहे है और रजक को आशीर्वाद भी दे रहे है।