Home छत्तीसगढ़ श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा व कारसेवक का कार्य हमारे जीवन की महत्वपूर्ण...

श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा व कारसेवक का कार्य हमारे जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि-हिमान्शु महाराज

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003


लोरमी- भगवान श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा विषयक चर्चा के दौरान मनियारी साहित्य एवम सेवा समिति लोरमी के सचिव ,शिक्षाविद व कथावाचक डाक्टर सत्यनारायण तिवारी ने वर्तमान मे भगवान श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा व कारसेवक के रूप मे अयोध्या यात्रा को अपने जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बतलाते हुए बतलाया कि सन् 1990की कारसेवा के दौरान लोरमी से स्वर्गीय पंडित मनहरण लाल पाण्डेय, पंडित सुरेशचन्द्र तिवारी व स्वयम उस अद्वितीय व अद्भुत यात्रा के सहभागी बने यह हमारे जीवन के लिए गर्व और गौरव की बात है।सन् 1992मे स्वर्गीय रामकुमार उपाध्याय व खेतमल खत्री की कारसेवा अभूतपूर्व थी। इसी यात्रा मे विवादित ढांचा मिट्टी मे मिला था।डॉक्टर तिवारी ने बताया कि उन तीनो को मरकुण्डी स्टेशन उतरकर पैदल मार्कण्डेय आश्रम होते हुए चित्रकुट आना पड़ा जहा रात्रि मे स्वामी रामभद्राचार्य, श्री मंत राजमाता विजयाराजे सिन्धिया उमाभारती व अनेक संतो का उद्बोधन हुआ। दूसरे दिन रामघाट मे उन्ही की अगुवाई मे गिरफ्तारी हुई। उमा भारती गायब हुई। राजमाता विजयाराजे सिन्धिया को हेलीकाप्टर से चिनार जेल ले जाया गया।भारत के अनेक प्रान्त के कारसेवको के लगभग बावन बसो मे हम सभी को ले जाकर नरैनी के अस्थाई जेल मे रखा गया।दूसरे दिन हमने समाचार पत्रो मे देखा कि मुलायम सिंह की सरकार ने किस प्रकार बर्बरता पूर्वक कारसेवको पर गोलिया चलवायी। सरयु जैसी पवित्र नदी को रक्त रंजित कर अनगिनत लाशो को ढेर लगाने का कुत्सित कार्य किया।नरैनी के अस्थाई जेल से छूटने के उपरांत हम पैदल ही चलकर अयोध्या मे श्रीराम जन्म भूमि मे विराजित श्रीराम लला का दर्शन किए। मणिराम छावनी मे महंत नृत्यगोपाल दास जी तथा महंत रामचन्द्र दास परमहंस व हनुमान गढी के तात्कालिन महंत जी से भेट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।उस समय उत्तरप्रदेश मे जगह-जगह पर कारसेवको की अद्भुत सेवा की गयी।लोरमी आने पर तात्कालिन विधायक निरंजन प्रसाद केशरवानी द्वारा भाजपा नेता गणेश शर्मा के निवास पर शाल श्रीफल व श्री रामचरित मानस भेटकर सम्मानित किया गया।गत वर्ष लोरमी के विधायक ठाकुर धर्मजीत सिंह द्वारा भी श्रीराम मंदिर लोरमी मे लोरमी के समस्त कारसेवको सहित मेरा भी सम्मान शाल व श्रीफल से किया गया।हमारे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि तो विश्व प्रसिद्ध भगवान श्रीराम की भव्य मंदिर का निर्माण व 22जनवरी को होनेवाली प्रानप प्रतिष्ठा है।डाक्टर तिवारी ने 22जनवरी को प्रत्येक घरो मे दीपोत्सव और श्रीराम जन्मोत्सव जैसा उत्सव मनाने का आग्रह सभी सनातन धर्मी व श्रीराम भक्तो से किया।