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छत्तीसगढ मे बीएड उतीर्ण नवनियुक्त सहायक शिक्षको के भविष्य को लेकर सहानुभूति पूर्वक विचार करे सरकार …राज्य कर्मचारी संघ

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जांजगीर चाम्पा न्यूज …छत्तीसगढ प्रदेश मे तकरीबन 6 माह से शासकीय स्कूलों मे पदस्थ बी एड प्रशिक्षित नवनियुक्त सहायक शिक्षक अपने भविष्य को लेकर पशोपेश मे है हाईकोर्ट के निर्देश के बाद करीब 4500 सहायक शिक्षकों की नौकरी जाने का भय बना हुआ है इस संबंध मे छत्तीसगढ राज्य कर्मचारी संघ जांजगीर चाम्पा के जिलाध्यक्ष अनुभव तिवारी जिला महामंत्री विक्रान्त साहू कामता यादव संजय अग्रवाल राजेश राठौर ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री से प्रशिक्षित नवनियुक्त सहायक शिक्षको के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए इनकी नियुक्ति को यथावत रखने की मांग की है

राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्षअरूण तिवारी प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक* ने कहा, कि इन्हे डीएलएड का ब्रिज कोर्स कराकर वापस नौकरी मे लिया जाए जिससे प्राथमिक विद्यालय मे डीएड प्रशिक्षित की पात्रता की शर्त भी पूर्ण होगा और सहायक शिक्षको की नियुक्ति भी यथावत रहेगी उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने बी एड प्रशिक्षित को प्राथमिक विद्यालय हेतु अपात्र माना है। जबकि इन बी एड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों की नियुक्ति पूर्व सरकार द्वारा बकायदा नियमों मे संशोधन कर किया गया था और ये विगत छह माह से अपनी सेवा भी दे रहे हैं ।

राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष ने कहा कि किसी के भविष्य के साथ गलत न हो इसके लिए उचित मार्ग तलाशना होगा, यह भी सही है कि डी एड प्रशिक्षित, प्राथमिक विद्यालय के लिए स्वाभाविक पात्रता रखते हैं किन्तु यह भी सही है कि इन नवनियुक्त बी एड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को पिछली सरकार मे नियमों को संशोधन करके नियुक्ति दी है,इसलिए इनकी भी कोई गलती नही है, चुंकि अब ये विगत छह माह से अपनी सेवा शासकीय विद्यालयों मे बतौर सहायक शिक्षक दे चुके हैं ऐसे मे इनकी नियुक्ति को निरस्त करना उचित प्रतीत नही होता। इनकी नियुक्ति यथावत रखते हुए इन्हे एक अवसर प्रदान किया जावे,कि ये सभी एक निश्चित समयावधि मे विभाग के व्दारा ही कोर्स पूर्ण करने का समय देना चाहिए जिससे माननीय कोर्ट का भी सम्मान बना रहेगा,और इन नवनियुक्त सहायक शिक्षकों का भी भविष्य सुरक्षित रहेगा।