Home छत्तीसगढ़ जर्जर स्कूल की छत का गिरा प्लास्टर, पढ़ाई कर रहे 6 बच्चे...

जर्जर स्कूल की छत का गिरा प्लास्टर, पढ़ाई कर रहे 6 बच्चे घायल, सरपंच ने नहीं दिया ध्यान, कई साल से नहीं हुई मरम्मत

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में सरकारी स्कूल का प्लास्टर गिरने से स्कूल में पढ़ाई कर रहे बच्चे घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल हुए बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्राम पंचायत पुटपुरा का सरकारी स्कूल का भवन पुराना हो गया था, उसके बाद से स्कूल में किसी भी तरह से कोई भी मरम्मत नहीं की गई थी। शिक्षकों ने बताया कि सरपंच दसरथ लाल डहारे को स्कूल भवन के जर्जर हालत में होने की जानकारी दी गई थी। लेकिन सरपंच ने लापरवाही बरती और स्कूल के छत की मरम्मत कार्य कराने में रुचि नहीं दिखाई इसलिए छत प्लास्टर गिर गया।

ग्रामीणों के मुताबिक कक्षा छठवीं में पढ़ाई कर रहे बच्चों के सिर पर छत का प्लास्टर गिरा उसके बाद अफरा तफरी मच गई। शिक्षकों ने घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। उसके बाद एंबुलेंस की मदद से मामूली रूप से घायल बच्चों को भी अस्पताल ले जाया गया है। अभिभावकों ने स्कूल भवन के जर्जर हालत में होने को लेकर सवाल खड़े किया हैं और जिला प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।इन बच्चों पूनम राठौर पिता एवरेश राठौर, शिक्षा यादव पिता महेश यादव, प्रियंका राठौर पिता प्रीतम राठौर, मानवी राठौर पिता राजकुमार शामिल हैं।

स्कूल में गंदगी के बीच मध्यान्ह भोजन करते है बच्चे, सांस लेना दूभर

सरकारी स्कूल में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों की लापरवाही के कारण स्कूल परिसर में सांस लेना मुश्किल हो गया है। बच्चों को भारी गंदगी और बदबू के बीच मध्यान्ह भोजन खाना पड़ता है। इससे संक्रमित होने का डर बना हुआ है। मध्यान्ह भोजन बनाने के बाद बचा हुआ खाना स्कूल परिसर में ही फेंक दिया जाता है। अभिभवकों ने कलेक्टर से स्कूल का दौरा करने मांग की है ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।