Home समाचार तंबाकू से दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं से 10 गुना अधिक लोगों की...

तंबाकू से दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं से 10 गुना अधिक लोगों की मौत

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

 विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूओएचओ) (WHO) के अनुसार भारत और खासकर दिल्ली (Delhi)में तंबाकू सेवन (Tobacco) की लत खतरनाक स्तर तक बढ़ने से लोगों की भारी संख्या में मौत हो रही है। संगठन के एक तुलनात्मक अध्ययन में पाया गया है कि देश भर में सड़क दुर्घटनाओं (Road Accident) में मरने वालों की तुलना में तंबाकू जनित बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या करीब 13 गुना है और दिल्ली में 10 गुना से भी अधिक है। लेकिन सड़क दुर्घटना में मरने वालों की तुलना में तंबाकू जनित बीमारियों से मरने वाले लोगों पर बहुत ही कम ध्यान दिया जाता है।

इस अध्ययन के अनुसार वर्ष 2018 में दिल्ली की सड़कों पर हुई दुर्घटनओं में 1604 लोगों की मौत हुई और 5831 लोग घायल हुए जबकि केवल दिल्ली में ही तंबाकू जनित बीमारियों से प्रति वर्ष 19000 लोगों की मौत हो जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूओएचओ) के अनुसार भारत में 2018 में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1-5 लाख लोगों की जानें गई, जबकि तंबाकू से संबंधित बीमारियों से भारत में हर साल 13-5 लाख लोग मारे जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से 68-4 लाख लोगों पर जुर्माना लगाया गया था जबकि दिल्ली में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (केाटपा) का उल्लंघन करने के लिए लगभग 52]000 लोगों पर जुर्माना लगाया गया।

मैक्स ऑन्कोलॉजी के अध्यक्ष डॉ. हरित चतुर्वेदी ने कहा, सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की तात्कालिक प्रकृति के कारण, ये लेागों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं, जबकि तम्बाकू से संबंधित बीमारियों से अधिक लोगों की मौत होने के बावजूद शायद ही इस पर ध्यान दिया गया हो। तंबाकू से प्रभावित मरीजों का इलाज करने वाले सभी डॉक्टरों की तुलना में पुलिस अधिक लोगों की जान बचा सकती है। जैसा कि कहावत है,रोकथाम इलाज से बेहतर है।

यहां इस बात का भी जिक्र किया जाना आवश्यक है कि जिन राज्यों में तंबाकू नियंत्रण कानून लागू हैं, वहां तंबाकू के उपयोग में काफी कम आई है।

संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के वरिष्ठ प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ.सोमिल रस्तोगी ने कहा, दिल्ली पुलिस ने केाटपा को लागू करके सराहनीय काम किया है। हमने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को पुलिस हेड कांस्टेबलों को केाटपा का उल्लंघनों के लिए जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई एडवाइजरी के बारे में स्वास्थ्य विभाग को एक प्रार्थना पत्र भी दिया है। यह केाटपा को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस को अधिक सशक्त करेगा।