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वो 10 सदाबहार फिल्मी गाने जिनकी वजह से अमर हैं खय्याम, सुने उनके दिलकश गाने

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दिग्गज संगीतकार मोहम्मद जहूर खय्याम का 92 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया. उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ. खय्याम के निधन से पूरे बॉलीवुड में शोक की लहर है. खय्याम ने अपने गानों से लोगों के दिलों पर राज किया है. उन्होंने जितनी भी धुनें बनाई वो एवरग्रीन हैं.

ये हैं वो 10 सदाबहार फिल्मी गाने जिसकी वजह से खय्याम हमेशा के लिए अमर हो गए…

आखिरी खत राजेश खन्ना की डेब्यू फिल्म थी. इस फिल्म के सॉन्ग ”बहारो मेरा जीवन भी संवारो” के लिरिक्स कैफी आजमी ने लिखे. खय्याम इसके म्यूजिक डायरेक्टर थे. लता मंगेशकर ने इसे अपनी आवाज दी.

खय्याम ने अमिताभ बच्चन की फिल्म कभी कभी के लिए म्यूजिक कंपोज किया था. इस फिल्म को 3 फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले थे. बेस्ट लिरिक्स, बेस्ट म्यूजिक, बेस्ट प्लेबैक सिंगर के लिए. ऐसा भी कहा जाता है कि यश चोपड़ा ने खय्याम से इस फिल्म की सक्सेस के लिए प्रार्थना करने को कहा था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे.

रेखा की उमराव जान का म्यूजिक खय्याम ने कंपोज किया था. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबकि, खय्याम फिल्म के निर्देशक की पहली पसंद नहीं थे. ऐसा कहा जाता है कि मूवी के निर्देशक और ओरिजनल म्यूजिक डायरेक्टर के बीच आपसी मतभेद के बाद खय्याम को इस मूवी के लिए चुना गया था.

‘फिर सुबह होगी’ के लिए साहिर लुधियानवी ने खय्याम की सिफारिश की थी.

साल 1981 खय्याम के लिए बेहद शानदार साबित हुआ. उनकी तीन एल्बम हिट हुई थी. ”कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता” उनके सबसे बेस्ट सॉन्ग में से एक है.

थोड़ी सी बेवफाई एकमात्र मूवी है जिसमें खय्याम ने गुलजार संग काम किया था. दोनों के काम को खूब पसंद किया गया. इस फिल्म का गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं.

बता दें कि सीने में संक्रमण और निमोनिया की शिकायत के बाद उन्हें 28 जुलाई को मुंबई के सुजय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनके अलावा जिन फिल्मों में उनके संगीत की काफी चर्चा हुई,नूरी, दर्द, रजिया सुल्तान, पर्वत के उस पार, त्रिशूल जैसी‌ फिल्में शुमार हैं. शुरू में वह हीरो बनना चाहते थे. उन्होंने कुछ वक्त तक इसके लिए प्रयास भी किया लेकिन बाद में उनकी दिलचस्पी संगीत की तरफ बढ़ने लगी और आज खय्याम के संगीत की दुनिया दीवानी है.