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बारिश के बाद भी रैन वाटर हार्वेस्टिंग का टारगेट पूरा नहीं कर पाया भिलाई निगम

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गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने वाला भिलाई निगम सितंबर में हुई भरपूर पानी को बचा नहीं पाया। यही नही रैन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर जो टारगेट तय किया था उसे भी पूरा नहीं किया जा सका।

बता दें कि भिलाई नगर निगम ने गर्मी के दिनों में ही रैन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए टारगेट फिक्स किया था। सभी जोन आयुक्तों को टारगेट पूरा करने के लिए कहा गया था। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को समझाइश दी थी, पर इसका भिलाई निगम में कहीं कोई असर नहीं दिखा।

जब्त की गई थी राशि

भिलाई निगम ने रैन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लगाने वाले लोगों की राशि राजसात की थी। भिलाई निगम के पास तकरीबन 65 करोड़ रुपये इकट्ठा हुआ था। जब्त राशि के माध्यम से रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का प्रयास किया गया था, पर इसमें भी पूरी तरह सफलता नही मिली।

चार सौ फीट नीचे जा चुका है पानी

पर्यावरण वैज्ञानिक शम्स परवेज के मुताबिक भिलाई में पानी की स्थिति बेहद खराब है। हालात गंभीर है। पानी चार सौ फीट से ज्यादा नीचे चला गया है। तीन सौ फीट से नीचे का पानी एक तरह से धीमा जहर का काम करता है। बीते दस सालों क्लाइमेट चेंज होने की वजह से ये स्थिति बनी है।

लगातार तबादले से पिछड़े

पूर्व आयुक्त एसके सुंदरानी ने सभी जोन आयुक्तों को पांच-पांच हजार रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का टारगेट दिया था। साथ ही उन्होंने कार व बाइक वसिंग सेंटर वालों को नोटिस जारी कर वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया था। दरअसल गर्मी के दिनों में लगातार दो महीने तक वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर अभियान चलाया जा रहा था। आयुक्त सुंदरानी के तबादले के बाद लगातार जोन आयुक्त के तबादले होते रहे। लगातार तबादले की वजह से भिलाई निगम रैन वाटर हार्वेस्टिंग टारगेट को पूरा नहीं कर पाया।

पांच साल के लिए सहेजा जा सकता था पानी

सितंबर के पहले पखवाड़े में जमकर बारिश हुई। जमीन में रिसने वाली झड़ी भी लगी। जिसके चलते वाटर लेबल बढ़ गया, पर जो लाखों गैलन पानी बे फिजूल बह गया, उसे बचाया जा सकता था। भिलाई निगम ने इसी पर फोकस किया था। पर आखिरी में लापरवाही कर दी गई। यदि इस पानी को ही बचा लिया जाता तो आगामी पांच साल तक भूजल को लेकर परेशानी नहीं होती।

रैन वाटर हार्वेस्टिंग पर लगातार काम चल रहा है। जो जोन पिछड़ गए हैं, उन्हें आयुक्त ने काम में तेजी लाने तथा टारगेट पूरा करने के लिए कहा है।

-पीसी सार्वा, पीआरओ

नगर निगम भिलाई