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कभी पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ हथियार बनाया था राहुल गांधी के बयान को.. इस बार संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने फायदा उठाया प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के हंगामे का, भारत के खिलाफ…

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ज्यादा समय नहीं बीता है जब भारत और पाकिस्तान के तनाव जैसे माहौल में राहुल गाँधी के बयान पर पाकिस्तान में जश्न मनाया गया था और उनके बयान को पाकिस्तान ने न सिर्फ इस्लामिक मुल्को के आगे अपने हथियार के तौर पर पेश किया था बल्कि यूरोप के कई देशो में उसको भारत विरोधी औजार के रूप में वायरल किया गया था. राहुल गांधी से पहले भी काग्रेस के ही नवजोत सिंह सिद्धू और मणिशंकर अय्यर जैसे नेताओं के बयान भी दुनिया भर में भारत की किरकिरी का कारण बने थे.

इस बार CAA और NRC जैसे मुद्दों में देश हित को ध्यान में रख कर भारतीय जनता पार्टी ने जो विधेयक बहुमत से लोकसभा और राज्यसभा में पारित किया उसके बाद कुछ दिन तो शांति छाई रही और दुनिया भर ने इसको भारत का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी हस्तक्षेप से मना कर दिया था. खास कर फ़्रांस और अमेरिका जैसे देशो ने तो खुल कर भारत के कदम का स्वागत भी किया था. लेकिन इसी के बाद प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने मोर्चा सम्भाल लिया.

प्रियंका गांधी ने तो पुलिस वालों को हत्यारा और दंगाइयो को शहीद तक कहा जिसके बाद दुनिया भर ने इस पर गौर करना शुरू कर दिया. इसी क्रम में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी अपनी बयानबाजी कर ही डाली. गत सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भारत में दंगाइयो पर पुलिस कार्यवाही की निंदा करते हुए भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया था. उनको इस आक्षेप का बल कांग्रेस और कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के हंगामे के चलते मिला जिन्होंने दुनिया में ये जताने में कसर नहीं छोड़ी कि भारत में मुस्लिमो के साथ अत्याचार हो रहा.