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असानी चक्रवात पहले से कमजोर पड़ा, आज देर रात पहुंचेगा आंध्र-ओडिशा, ‘तांडव’ की आहट शुरू, जानें 10 अपडेट

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बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान असानी ओडिशा और आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार कम हो गई है. इसके मंगलवार रात तक आंध्र प्रदेश के नजदीक पहुंचने की संभावना है. लेकिन उससे पहले ही इसके कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की उम्मीद है. मौसम विभाग का कहना है कि आंध्र प्रदेश के पास पहुंचकर ये तूफान अपना रास्ता बदल लेगा और बंगाल की खाड़ी के किनारे-किनारे ओडिशा की तरफ बढ़ेगा. असानी को आंध्र और ओडिशा पहुंचने में अभी देर है लेकिन इसकी आहट कई तटीय इलाकों में होने लगी है. तेज हवाओं के बीच बारिश शुरू हो गई है. आइए जानते हैं, असानी को लेकर 10 अपडेट.

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान असानी बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिमी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी में बना हुआ है. ये लगातार पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा की तरफ बढ़ रहा है.
असानी तूफान जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, इसकी भीषणता और रफ्तार कम होनी शुरू हो गई है. पहले जहां इसकी हवाओं की रफ्तार 110 से 140 किमी प्रति घंटे थे, अब घटकर 80 से 90 किमी प्रति घंटे रह गई है. इसमें आगे और कमी आने की संभावना है. मौसम विभाग के आखिरी ताजा अपडेट के अनुसार, असानी तूफान देर रात 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था.
काकीनाडा से ये 350 किमी, विशाखापटनम से 350 किमी, गोपालपुर से 510 किमी और पुरी से 590 किमी की दूरी पर है. संभावना है कि मंगलवार को आधी रात के करीब ये बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के करीब पहुंच जाएगा. उसके बाद ये अपना रास्ता बदलेगा और तट के समानांतर उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ेगा.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में असानी चक्रवात लगातार कमजोर होकर भीषण चक्रवात से सिर्फ चक्रवात की श्रेणी में आ जाएगा. इस दौरान इसकी भीषणता और रफ्तार लगातार कम होती जाएगी. असानी भले ही भारत के कई इलाकों से अभी सैकड़ों किलोमीटर दूर हो, लेकिन इसकी आहट महसूस होने लगी है.
मौसम विभाग ने 10-11 मई को आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तूफानी हवाओं के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बंगाल में भी तूफानी बारिश की संभावना है. पूर्वानुमान है कि बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में 90 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. IMD कोलकाता ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा, कोलकाता, हुगली और पश्चिम मिदनापुर जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश की आशंका जताई है.
ओडिशा के भद्रक जिले में भारी बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों को उतारना पड़ा है. भद्रक के अलावा गंजम, पुरी, सतपदा, अस्तारंगा, कृष्णप्रसाद, राजनगर और महाकालपारा में भी ओडिशा रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें भेजी गई हैं.
ओडिशा के रिलीफ कमिश्नर पीके जेना के अनुसार, राज्य में पारादीप, गोपालपुर, धमरा और पुरी को डेंजर जोन में रखा गया है. इन इलाकों में NDRF और ODARF की पहले से ही तैनाती कर दी गई है. समुद्री इलाकों में न जाने के लिए मछुआरों को चेतावनी जारी की गई है. जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के भी इंतजाम कर लिए गए है.
भारतीय मौसम विभाग के ट्वीट के मुताबिक, आगामी तीन दिनों में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के अलावा बिहार, तमिलनाडु, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, अरुणाचल, असम और मेघालय​​​​​​​ में भी बारिश की संभावना है. इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है.
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात असानी का कुछ प्रभाव देश के बाकी कई इलाकों के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है. बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 11 मई से मौसम करवट लेगा और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बूंदाबादी की संभावना बन सकती है.
‘असानी’ चक्रवात का नाम श्रीलंका ने रखा है, जो सिंहली भाषा का एक शब्द है, जिसका मतलब गुस्सा या आवेश या क्रोध होता है. तूफानों को नाम देने का चलन 1953 में अटलांटिक क्षेत्र में हुई एक संधि के साथ हुआ था. हिंद महासागर में इसकी शुरुआत 2004 से हुई. चक्रवातों के नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की ओर से रखे जाते हैं.