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Chhath Puja 2022: छत्तीसगढ़ के इस जिले में है देश का सबसे बड़ा स्थाई छठ घाट, तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप

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Chhath Puja: छत्तीसगढ़ के Bilaspur में तोरवा छठ घाट पर पूजा की तैयारियां की जा रही हैं. इसबार एक लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. सड़कों की मरम्मत करवाई जा रही है, पार्किंग की व्यवस्था की गई है.

Chhath 2022: उत्तर भारतीयों का प्रमुख पर्व छठ (Chhath Puja 2022) बिहार (Bihar) और उत्तर प्रदेश  (Uttar Pradesh) के साथ-साथ पूरे देश भर में महा पर्व के रूप में मनाया जाता है. आज से छठ पूजा शुरू हो गई है. यह त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है. यह 31 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भी यह त्योहार मनाया जाता है. घाटों पर इसे लेकर खास इंतजाम किए जाते हैं. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) में छठ पूजा की अलग ही छटा नजर आती है. देश में सबसे बड़ा स्थाई और व्यवस्थित घाट बिलासपुर शहर के तोरवा स्थित अरपा नदी पर है. 

पहुंचेंगे एक लाख से ज्यादा लोग
इस घाट पर एक साथ 40 हजार से ज्यादा व्रती अर्घ्य देने पहुंचते हैं. तोरवा छठ घाट में भी हर साल इस पूजन को महापर्व के रूप में मनाया जाता है. इस साल भी छठ पूजा को मनाने के लिए पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच के द्वारा तैयारियां पूरी की जा रही हैं. उम्मीद है कि इस साल 1 लाख से अधिक लोग छठ पूजा के सहभागी बनने यहां पहुंचेंगे. इसे लेकर छठ पूजा समिति के द्वारा तैयारियां की जा रही हैं.

क्या तैयारियां की गईं हैं
यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जहां समिति के वालंटियर के अलावा पुलिस प्रशासन का अतिरिक्त सहयोग लिया जा रहा है तो वहीं वाहनों की पार्किंग के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है. इसके अलावा छठ घाट पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की कठिनाइयां ना हो इसके लिए सड़कों की मरम्मत भी करवाई जा रही है.

इसके अलावा छठ घाट की सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि यहां पहुंचने वाले छठ व्रतियों को पूजा कार्य में किसी प्रकार की दिक्कत न हो. इसके अलावा समिति के द्वारा भी आयोजन को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है. 28 अक्टूबर से महाआरती के साथ ही छठ महापर्व की शुरुआत होगी जो 31 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगी.