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भारतीय बाजार पर ‘बुलिश’ विदेशी निवेशक, 10 ट्रेडिंग सेशन में 3 अरब डॉलर का निवेश, इन सेक्टर्स में लगाया पैसा

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FII Buying: भारत में मैक्रोइकोनॉमिक डेटा और डिमांड में सुधार होने से विदेशी संस्थागत निवेशकों को भरोसा बढ़ा. 20 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच एफआईआई ने इक्विटी मार्केट में 2.74 अरब डॉलर की खरीदारी की.

हाइलाइट्स

NSE के डेटा के अनुसार, 3 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने 677 करोड़ रुपये की खरीदारी की.
FII ने बैंक, ऑयल-एनर्जी, ऑटो, रियल्टी, हेल्थ सर्विसेज, टेलिकॉम सेक्टर में निवेश किया है.
डिमांड और ग्रोथ में सुधार होने से भारतीय बाजारों ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है.

मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी है. पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने $ 3 बिलियन का निवेश किया. एनएसडीएल के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच एफआईआई ने इक्विटी मार्केट में 2.74 अरब डॉलर की खरीदारी की. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के अनुसार, 3 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने 677 करोड़ रुपये की खरीदारी की.

पिछले महीने अक्टूबर में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था लेकिन पिछले कुछ सत्रों में बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है और इसने 18 हजार के स्तर को पार कर दिया है. 1 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन तभी से इसमें तेजी का रूख देखने को मिलने लगा.

इन सेक्टर्स में हुई खरीदारी
इस दौरान बैंक, ऑयल-एनर्जी, ऑटो, रियल्टी, हेल्थ सर्विसेज, टेलिकॉम और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों विदेशी निवेशकों द्वारा खरीदारी देखने को मिली.  इसके अलावा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक एक महीने पहले 4.1 प्रतिशत की संशोधित दर के मुकाबले सितंबर में 7.9 प्रतिशत बढ़ा. अगस्त में ग्रोथ सात महीने के निचले स्तर पर थी लेकिन सितंबर में बेहतर प्रदर्शन सीमेंट, कोयला और बिजली के उत्पादन में अच्छी वृद्धि के कारण यह बढ़ गई.

वहीं, भारत में विनिर्माण पीएमआई का प्रदर्शन भी बेहतर रहा, जो अक्टूबर में यह बढ़कर 55.3 हो गया, जो सितंबर में 55.1 था. अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.52 ट्रिलियन रुपये रहा, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है.

भारत के बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक डेटा से उत्साह
अक्टूबर में ऑटो बिक्री में भी जबरदस्त वृद्धि देखी गई. त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं जमकर खरीदारी की. कई कार निर्माताओं ने अपनी सेल्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी. मार्केट एक्सर्ट्स का कहना है कि कुल मिलाकर, भारत में आर्थिक संकेतकों से मिल रही मजबूती की वजह से बाजार में तेजी का रूख कायम है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी है. त्योहारी सीजन में खपत में वृद्धि होने से घरेलू मांग में सुधार हुआ है. सितंबर में मुख्य उद्योगों की उत्पादन वृद्धि में भी सुधार हुआ, और जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) कलेक्शन अक्टूबर के लिए नई ऊंचाई पर पहुंचने की राह पर है.

इसके अलावा भारतीय कंपनियों के तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर कमाई होने से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. निफ्टी की 50 कंपनियों में से लगभग आधी कंपनियों ने अपने रिजल्ट जारी कर दिए हैं. इनमें से 17 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक और उससे बेहतर रहे हैं.

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