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केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास मोटर सायकल चालक से 9 लाख रूपये की छिनतई करने वाले नट गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार…..

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आरोपियों से सवा लाख रुपए नगद, घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल जप्त, कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को लूट के अपराध में गिरफ्तार कर भेजा जेल…..

गिरोह के 6 सदस्य पूरी प्लानिंग के साथ घटना को दिये थे अंजाम, फरार 3 आरोपियों की पतासाजी में जुटी पुलिस टीम…..

   *रायगढ़* । 27 सितंबर के सुबह बैंक से रूपये निकालने वाले युवक का पीछा कर केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास अज्ञात आरोपियों द्वारा युवक के मोटरसाइकिल डिक्की में रखें नगद 9 लाख रुपए लूटकर भाग जाने के मामले में कोतवाली पुलिस के हाथ सफलता लगी है । कोतवाली पुलिस ने लूटपाट कार्य करने वाले नट गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है । आरोपियों से लूट की रकम सवा लाख रुपए नगद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को जप्त किया गया है।

           जानकारी के मुताबिक 27 सितंबर के दोपहर कोतवाली पुलिस को स्थानीय व्यक्तियों से सूचना मिली कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास एक युवक के मोटरसाइकिल से रूपयों की उठाईगिरी हुई । सूचना मिलते ही तत्काल एडिशनल एसपी संजय महादेवा, सीएसपी अभिनव उपाध्याय, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे के साथ थाना कोतवाली एवं साइबर सेल के स्टाफ मौके पर पहुंचे । 

          घटना के संबंध में जय मां नाथल दाई क्रेशर उद्योग टिमरलगा चंद्रपुर के सुपरवाइजर पीड़ित मनोज कुमार डनसेना ने बताया कि उसके क्रेशर मालिक मनीष अग्रवाल द्वारा दिये गये  9 लाख रूपये के सेल्फ चेक को कैश कराने केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास स्थित बैंक ऑफ़ बड़ौदा आया था । बैंक से चेक का आहरण कर रूपयों को अपने मोटरसाइकिल के डिक्की पर रख कर केवड़ाबाड़ी चौक की ओर जा रहा था, तभी चौक पर ट्रैफिक जाम के बीच अज्ञात व्यक्तियो द्वारा डिक्की से रूपये निकाल लिये । पीड़ित द्वारा घटना के संबंध में दिये गये लिखित आवेदन पर लूट का अपराध परिलक्षित होने से सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर माल मुल्जिम पतासाजी में लिया गया । 

      घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी रामगोपाल गर्ग द्वारा एसएसपी सदानंद कुमार से सम्पूर्ण जानकारी लेकर पुलिस टीमें बनाकर शीघ्र माल मुल्जिम पतासाजी का निर्देश दिया गया। एसएसपी सदानंद कुमार ने एडिशनल एसपी संजय महादेवा के सुपरविजन में सायबर सेल पर्यवेक्षण अधिकारी दीपक मिश्रा एवं सीएसपी अभिनव उपाध्याय को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई ।

          कोतवाली पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त  घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया जिसमें संदेहियों/आरोपियों के प्राप्त फुटेज को स्थानीय मुखबिरों एवं दिगर जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ शेयर कर जानकारी जुटाया गया । आरोपियों के तरीका-ए-वारदात, फुटेज तथा हुलिये से संदेहियों के थाना कापू व पत्थलगांव थाना क्षेत्र के नट गिरोह के आरोपियों से मिलन होने पर तत्काल एसएसपी श्री सदानंद कुमार के निर्देशन पर थाना कोतवाली के साथ साइबर सेल, थाना धरमजयगढ़, लैलूंगा स्टाफ की अलग-अलग टीमें बनाकर  संदेहियों की धर पकड़ के लिए लगाया गया । टीमें सभी वांछित संदेही सकुनत एवं मिलने के स्थान पर दबिश दी, सभी फरार थे।  पुलिस टीम संदेहियों पर निगाह रखे हुए थी कि 05 अक्टूबर को कापू बस स्टैंड के पास संदेही मिथुन सिंह नट और बाबू सिंह नट को पुलिस मुखबिर सूचना पर हिरासत में ली जिन्हें घटना दिनांक के फुटेज दिखाकर हिकमत अमली से पूछताछ किया गया । दोनों अपराध स्वीकार कर अपने साथी सोनू नट  निवासी झक्कड़पुर थाना पत्थलगांव व अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में चोरी, लूट की घटनाओं को अंजाम देना बताए । पुलिस की दबिश में आरोपी सोनू नट को भी हिरासत में लिया गया । आरोपियों ने बताया कि वे सभी (06 आरोपी) एक राय होकर 27 सितंबर के दोपहर रायगढ़ केवड़ा बड़ी बस स्टैंड के पास सरदार चप्पल दुकान के पास में एक व्यक्ति (पीड़ित मनोज कुमार डनसेना ) के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट कर उसके मोटरसाइकिल के डिक्की में रखे रुपए (9 लाख) को लूटकर भाग जाना बताया और लूट की रकम से ₹1,00,000 को सोनू नट, ₹25,000 को बाबू नट तथा शेष रकम को उनके साथियों के पास होना बताये । आरोपी मिथुन सिंह नट के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल यूनिकार्न सीजी 15 डीवाई 6361,  आरोपी सोनू नट से लोग ₹100000 और आरोपी बाबू सिंह नट से ₹25000 बरामद कर जब्त किया गया है । प्रकरण के तीनों आरोपियों को आज न्यायिक डिमांड पर भेजा गया । आरोपियों के फरार 03 साथियों की पुलिस टीमें पता तलाश कर रही है । वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर माल मुल्जिम पतासाजी में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे, उप निरीक्षक संजय कुमार नाग, दीपिका निर्मलकर, सउनि इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक जगदीश नायक, आरक्षक जगमोहन ओग्रे, संदीप मिश्रा, उत्तम सारथी, मनोज पटनायक, कोमल तिवारी,  थाना धरमजयगढ़ के प्रधान आरक्षक लक्ष्मी नारायण केवर्त, थाना लैलूंगा के प्रधान आरक्षक सुमेश गोस्वामी, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक महेश पंडा, विक्रम सिंह, सुरेश सिदार, नरेश रजक, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, अभिषेक द्विवेदी की अहम भूमिका रही है ।