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तो इसलिए हैट्रिक लेने वाले शमी को नहीं चुना गया मैन ऑफ द मैच !

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आईसीसी विश्व कप-2019 में शनिवार को भारत ने अफगानिस्तान को रोमांचक मैच में 11 रनों से हरा दिया. इस जीत में अहम भूमिक निभाने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि यह मैच काफी मुश्किल था लेकिन उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा था.

अफगानिस्तान के लिए मोहम्मद नबी ने 52 रनों की अहम पारी खेली और वह मैच भारत की झोली से निकालते दिख रहे थे लेकिन बुमराह ने अंत के ओवरों में अच्छी गेंदबाज कर उन्हें ज्यादा रन नहीं बनाने दिए. बुमराह ने 49वें ओवर में सिर्फ पांच रन दिए और आखिरी ओवर में अफगानिस्तान के लिए 16 रन छोड़े जिन्हें मोहम्मद शमी ने नहीं बनाने दिया.

हैट्रिक लेने वाले शमी को क्यों नहीं चुना गया मैन ऑफ द मैच

मोहम्मद शमी ने भारतीय टीम लिए इस वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच शनिवार को खेला. भुवनेश्वर कुमार को हैमस्ट्रिंग में खिचाव के चलते आराम दिया गया है, इसी के चलते शमी को प्लेइंग XI में जगह मिली. पहला मैच खेल रहे शमी ने शानदार प्रदर्शन किया, उन्होंने भारत को मैच में पहली सफलता दिलाने के साथ ही हैट्रिक लेकर मैच का अंत भी किया. फिर भी उनको मैन ऑफ द मैच नहीं चुना गया. क्यों?

बता दें कि, आयोजकों ने बहुत ही समझदारी दिखाते हुए जसप्रीत बुमराह को मैन ऑफ द मैच चुना. आखिरी ओवर में हैट्रिक देखकर और भावुक होकर शमी को ये अवार्ड दिया जा सकता था. ज्यादातर लोगों का भी यही मानना था कि शमी को ये अवार्ड मिलना चाहिए था. लेकिन, जब शमी ने आखिरी ओवर में गेंद थामी तब टीम इंडिया के पास बचाने के लिए 16 रन थे, यानी टीम इंडिया बड़े अंतर से फेवरेट बन चुकी थी. यहां से मैच गंवाना शमी की खराब गेंदबाजी के कारण ही हो सकता था. ग्राउंड लम्बा होने के कारण छक्के लगाना कठिन था, जोकि इस 16 रन को 20 रन के बराबर बना देता है.

वहीं अगर मैच का टर्निंग पॉइंट देखें तो वह जसप्रीत बुमराह के ओवर में आया था. जब उन्होंने एक ही ओवर में दो विकेट झटककर अफगानिस्तान का स्कोर 106 पर दो विकेट से 106 पर 4 विकेट कर दिया था. यहां पर मैच पूरी तरह से पलट गया था. टीम इंडिया को विकेट की बहुत दरकार थी और बुमराह ने डिलीवर किया. इस ओवर के साथ ही बुमराह ने शुरुआत और अंत में भी अच्छी गेंदबाजी की. जब अंतिम दो ओवरों में अफगानिस्तान को जीत के लिए 21 रन चाहिए थे तब बुमराह ने 49वें ओवर में सिर्फ 5 रन दिए. जिससे मैच भारत के फेवर में आ गया. बुमराह ने 10 ओवरों में 39 रन देकर दो विकेट लिए और एक मेडेन ओवर भी फेंका.

प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर क्या बोले बुमराह

बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. बुमराह ने कहा, ‘जब कप्तान का विश्वास आपमें होता है तो आपको काफी आत्मविश्वास मिलता है. इससे मुझे अपनी सोच साफ रखने में मदद मिलती है. मैं जान पाता हूं कि मुझे किस तरह से अपनी रणनीति को लागू करना है.’

उन्होंने कहा, ‘हम देख रहे थे कि विकेट समय के साथ और धीमी होती जा रही है इसलिए हम सटीक रहने और स्टम्प टू स्टम्प गेंद करने की कोशिश कर रहे थे. यह बड़ा मैदान है और यहां रिवर्स स्विंग भी मिल रही थी, लेकिन आपको अपनी यॉर्कर पर ज्यादा निर्भर रहना होता है और स्थिति के हिसाब से खेलना होता है. यह मुश्किल मैच था, लेकिन मुझे अपनी काबिलियत पर भरोसा था.’

शमी को लेकर बुमराह ने कहा, ‘ऐसे गेंदबाज होने से हमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा मिलती है। हम साथ ही अपनी रणनीति के बारे में चर्चा करते रहते हैं. जब हर कोई विकेट लेकर योगदान दे रहा होता है तो यह टीम के लिए अच्छा होता है.’