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राजा ऐसा होना चाहिए, जिससे राज्य सुख शांति और भय मुक्त जीवन व्यतीत करें, ऐसे राजाओं को स्वर्ग में जगह मिलता है- आचार्य पंडित झम्मन शास्त्री

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पंचम दिवस के कथा प्रसंग में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतर्गत आचार्य पंडित झम्मन शास्त्री महाराज ने अपने मुखारविंद से भक्ति मार्ग और गौ माता की सेवा के संबंध में लोगों को कथा सुनाते हुए महत्व बताया। वृंदावन धाम में नंद उत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बच्चों ने दही, मक्खन लूट महिला और पुरुषों ने प्रभु के जन्म अवसर पर नाच कर भक्ति रस पाने का प्रयास किया। शास्त्री जी ने कहा कि राजा ऐसा होना चाहिए। जिससे राज्य सुख शांति और भय मुक्त जीवन व्यतीत करें। ऐसे राजाओं को स्वर्ग में जगह मिलता है। लेकिन भारत के अनेक राजाओं ने अपनी कार्यप्रणाली ऐसी रखी है। कि इंद्रदेव को भी अपनी गद्दी उनके लिए समय-समय पर त्याग्नि पड़ी आज के राजा सत्ता सिंन लोग अपनी गद्दी बचाने तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं ।ऐसे लोगों को तो स्वर्ग क्या नरक में भी जगह नहीं मिलेगी उन्होंने कहा। कि यदि लोग गौ माता का संरक्षण नहीं करेंगे।

मान कर चलिए गाय की विलुप्ता मानव समाज को निकल जाएगी। जो लोग गौ माता का आदर करते हैं। और उनकी सेवा करते हैं। उनके घर भगवान स्वयं पुत्र बनकर अवतरित होते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नंद बाबा है। राज धर्म के बारे में बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि भक्ति मार्ग और गौ माता की सेवा के संबंध में महत्व बहुत है। कथा के बीच में वृंदावन धाम में नंद उत्सव भी धूमधाम से मनाया गया इस मौके पर बच्चों ने दही मक्खन लूटकर भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया पंजीरी पंचामृत एवं माखन मिश्री का प्रसाद बाटी गई उत्सव के पश्चात भगवान की महाआरती की गई समस्त ग्रामवासी एवं ठाकुर परिवार के द्वारा यह आरती संपन्न की गई।